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10th science chapter 1

 (SOME IMPORTANT DEFINITIONS)


1. रासायनिक अभिक्रियाएँ (Chemical Reactions)-चे अभिक्रियाएँ जिनमें अभिकारकों में परिवर्तन से नए पदार्थ बनते हैं, रासायनिक अभिक्रियाएं कहलाती हैं।

2. अधिकारक (Reactants)-वे पदार्थ जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेते हैं, अभिकारक कहलाते हैं। 

3. उत्पाद (Products)-किसी रासायनिक अभिक्रिया में बनने वाले नए पदार्थ उत्पाद कहलाते हैं।

4. रासायनिक समीकरण (Chemical Equation)-किसी रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों तथा उत्पादों को संकेतों अथवा सूत्रों द्वारा व्यक्त करना रासायनिक समीकरण कहलाता है।

5. कंकाली रासायनिक समीकरण (Skeletal Chemical Equation)-असंतुलित रासायनिक समीकरण को कंकाली रासायनिक समीकरण कहते हैं। कंकाली रासायनिक समीकरण किसी रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों तथा उत्पादों का समान द्रव्यमान प्रदर्शित नहीं करता।

6. संतुलित रासायनिक समीकरण (Balanced Chemical Equation)-यदि किसी रासायनिक समीकरण में अभिकारकों तथा उत्पादों में प्रत्येक तत्त्व के परमाणुओं की संख्या समान है तो ऐसी समीकरण संतुलित रासायनिक समीकरण कहलाती है।

7. संयोजन अभिक्रियाएँ (Combination Reactions)- वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें दो या दो से अधिक अभिकारकों से एकल उत्पाद का निर्माण होता है, उन्हें संयोजन अभिक्रियाएँ कहते हैं।

8. वियोजन/अपघटन अभिक्रियाएँ (Decomposition Reactions)-वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें एक पदार्थ से दो या अधिक उत्पाद बनते हैं, उन्हें वियोजन अभिक्रियाएँ कहते हैं।

9. विस्थापन अभिक्रियाएँ (Displacement Reactions)-वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें एक अधिक क्रियाशील तत्त्व किसी यौगिक के विलयन से क्रिया करके अपने से कम क्रियाशील तत्त्व को उस यौगिक के विलयन से विस्थापित करता है, तो उन अभिक्रियाओं को विस्थापन अभिक्रियाएँ कहते हैं। 

10 द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ (Double displacement Reactions)-वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है, उन्हें द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ कहते हैं।

11. ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ (Exothermic Reactions)-वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें ऊष्मा उत्सर्जित होती है, ऊष्मक्षेपी अभिक्रियाएँ कहलाती है।

12. ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ (Exothermic Reactions)-वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें ऊष्मा का अवशोषण होता है; उन्हें ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ कहते है।

13. उपचयन/ऑक्सीकरण अभिक्रियाएँ (Oxidation Reactions)-ऐसी रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें ऑक्सीजन की वृद्धि अथवा हाइड्रोजन का हास ((हानि) होता है, उपचयन  अभिक्रियाएँ कहलाती है।

 14. अपचयन अभिक्रियाएँ (Reduction Reactions)-ऐसी रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें हाइड्रोजन की वृद्धि अथवा ऑक्सीजन की हानि होती है, अपचयन अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

15. उपचयन-अपचयन/रेडॉक्स अभिक्रियाएँ (Oxidation Reduction/Redox Reactions)-वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें एक अभिकारक उपचयित तथा दूसरा अभिकारक अपचयित होता है उन्हें उपचयन-अपचयन अथवा रेडॉक्स अभिक्रियाएँ कहते हैं।

16. अपचायक (Reducing Agents)-वे पदार्थ जो स्वयं ऑक्सीकृत होकर दूसरे अभिकारक का अपचयन करते हैं. उन्हें अपचायक कहते हैं।

17. उपचायक (Oxidising Agents)-वे पदार्थ जो स्वयं अपचयित हो जाते हैं अथवा ऑक्सीकरण क्रिया करते हैं. उपचायक कहलाते हैं।

18. प्रतिऑक्सीकारक (Antioxidants)-जो पदार्थ ऑक्सीकरण क्रिया की दर को कम करते हैं, उन्हें प्रतिऑक्सीकारक कहते हैंहैं।

19. तापीय अपघटन अभिक्रियाएँ (Thermal Decomposition Reactions)-चे अपघटन अभिक्रियाएँ जो ऊष्मा या ताप की उपस्थित्ति में पूर्ण होती हैं. तापीय अपघटन अचवा तापीय वियोजन अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

20. विद्युत अपघटन अभिक्रियाएँ (Electrolytic Decomposition Reactions or Electrolysis) वे अपघटन रासायनिक अभिक्रियाएँ जो विद्युतधारा की उपस्थिति में संपन्न होती हैं, विद्युत अपघटन अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

21. किण्वन (Fermentation)-सूक्ष्मजीवों या एंजाइमों की सहायता से ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में जटिल कार्बनिक पदार्थों का सरल कार्बनिक पदार्थों में परिवर्तन किण्वन कहलाता है।

22. अवक्षेपण अभिक्रियाएँ (Precipitation Reactions)-वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें अवशेष बनता है, अवक्षेपण अभिक्रियाएँ कहलाती है।

23. विकृतगंधिता (Rancidity)-वसायुक्त अथवा तैलीय पदार्थों के ऑक्सीकरण से उनके स्वाद एवं गंध में परिवर्तन हो जाता है, इसे विकृतगंधिता कहते हैं।

24. संक्षारण (Corrosion)-जब कोई धातु अपने संपर्क में आने वाले अन्य पदार्थ जैसे अम्ल अथवा नमी एवं ऑक्सीजन से किया करती है तो उसकी चमक धूमिल हो जाती है. इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं।


पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न (TEXTUAL QUESTIONS)

* अनुभाग 1.1 (पेज-6) के प्रश्न


प्रश्न 1. वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिवन को साफ क्यों किया जाता है? (SAT, July-2017)

उत्तर- मैग्नीशियम (Mg) एक क्रियाशील धातु है। वायु के संपर्क में आकर यह ऑक्सीजन के साथ क्रिया करके सफेद रंग की मैग्नीशियम ऑक्साइड की परत बना लेती है। यह परत मैग्नीशियम के जलने में रूकावट (अवरोध) उत्पन करती है जिसे हटाना आवश्यक होता है। अतः वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिवन को साफ किया जाता है। 

 2Mg + O2→ 2MgO

मैग्नीशियम +ऑक्सीजन----- मैग्नीशियम ऑक्साइड


प्रश्न 2. निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए-

(i) हाइड्रोजन + क्लोरीन ------हाइड्रोजन क्लोराइड

   उत्तर--H₂+Cl→ 2HCI 


(ii) बेरियम क्लोराइड + ऐलुमिनियम सल्फेट ---बेरियम सल्फेट ऐलुमिनियम क्लोराइड (HBSE 2010, 2018)

उत्तर। 

(ii) 3BaCl2 + Al2(SO4)3----3BaSO4 + 2AICI2


(iii) सोडियम+ जल ----सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन

उत्तर-----2Na + 2H₂O -------2NaOH + H₂


प्रश्न 3. निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए उनकी अवस्था के संकेतों के साथ संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए :

(1) जल में बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फेट से विलयन अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा अघुलनशील बेरियम सल्फेट का अवक्षेप बनाते हैं।


(ii) सोडियम हाइड्रॉक्साइड का विलयन (जल में) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के विलयन (जल में) से अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा जल बनाते हैं।


उत्तर- (1)

BaCl (aq) बेरियम क्लोराइड+ Na₂SO₄ (aq)सोडियम सल्फेट← BaSO₄बेरियम सल्फेट (अवक्षेप) (s)+2NaClसोडियम क्लोराइड


(ii) NaOH(aq) सोडियम हाइड्रॉक्साइड +HCl हाइड्रॉक्लोरिक अम्ल (aq)--NaCl (aq) सोडियम क्लोराइड+H₂O(1) जल


अनुभाग 1.2 (पेज-11) के प्रश्न


प्रश्न 1. किसी पदार्थ 'X' के विलयन का उपयोग सफेती करने के लिए होता है-

(1) पदार्थ 'X' का नाम तथा इसका सूत्र लिखिए।


(ii) ऊपर (1) में लिखे पदार्थ 'X' की जल के साथ अभिक्रिया लिखिए।


(SAT, July-2017) है।


उत्तर- (1) पदार्थ 'X' विना बुझा चूना है। इसका रासायनिक नाम कैल्शियम ऑक्साइड तथा सूत्र CaO 

(ii)

CaO (s) कैल्शियम ऑक्साइड +H₂O (1)जल---Ca(OH)₂ (aq) कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड


दोगुनी क्यों है? उस गैस का नाम बताइए।

 प्रश्न 2. पाठ्यपुस्तक के क्रियाकलाप 1.7 में एक परखनली में एकत्रित एक गैस की मात्रा दूसरी गैस की मात्रा में दोगुनी क्यों है? उस गैस का नाम बताइए।

उत्तर- पाठ्यपुस्तक में दिया गया क्रियाकलाप 1.7 जल के विद्युत अपघटन अभिक्रिया को प्रदर्शित करता है। इस अभिक्रिया को निम्न प्रकार से दर्शाया जा सकता है-

2H₂O (1) +विद्युत धारा -----2H₂(g)+O₂(g)

जल ऑक्सीजन आयतन के अनुसार जल में हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन का अनुपात 2:1 है। इसलिए हाइड्रोजन गैस की मात्रा ऑक्सीजन गैस की तुलना में दोगुनी होती है।


चित्र-जल का विद्युत अपघटन


* अनुभाग 1.3 (पेज-15) के प्रश्न

प्रश्न 1. जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है? अथवा (SAT, July-2016, 2017; HBSE 2018) कॉपर सल्फेट के विलयन में लोहे के टुकड़े को डालने पर क्या होता है, अभिक्रिया का समीकरण देकर स्पष्ट करें। 

उत्तर

लोहे की कील एवं कॉपर सल्फेट विलयन में निम्नलिखित विस्थापन अभिक्रिया होती है: (HBSE 2023)


CuSO, (aq) कॉपर सल्फेट(नीला रंग)+ Fe (s) आपरन ---------FeSO, (aq) आयरन सल्फेट(हरा रंग)+ Cu (s) कॉपर

लोहा (आयरन) ताँबे की अपेक्षा अधिक अभिक्रियाशील होने के कारण कॉपर को कॉपर सल्फेट लवण के विलयन में से विस्थापित कर देता है। इसलिए आयरन सल्फेट बनने के कारण कॉपर सल्फेट का हल्का नीला रंग समाप्त हो जाता है तथा विलयन का रंग हल्का हरा बन जाता है।


प्रश्न 2. 

क्रियाकलाप 1.10 से भिन्न द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए।

उत्तर- द्विविस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण

(1) AgNO3 (aq)सिल्वर नाइट्रेट + NaCl(aq)सोडियम क्लोराइड-------AgCl (s) + सिल्वर क्लोराइड + NaNO3 (aq) सोडियम नाइट्रेट

प्रश्न 3. निम्नलिखित अभिक्रियाओं में उपचचित तथा अपचचित पवार्थों की पहचान कीजिए।

(I) 4Na(s) +O₂(g) → 2Na₂O(s)

(ii) CuO (s)+ H₂(g)------ Cu(s)+ H₂O(1)

उत्तर-(1) 4Na(s)सोडियम + O₂(g)ऑक्सीजन----2Na(SAT, July-2014)

इस अभिक्रिया में Na उपचयित होकर Na₂O बनाता है तथा O, अपचयित होकर Na₂O बनाती है।

अतः उपचचित पदार्थ Na है तथा अपवचित पार्थ, है। कॉपर जल


(ii) CuO(s)+H₂(g)-------  Cu(s)+H₂O(l)

इस अभिक्रिया में CuO अपचयित होकर Cu बनाता है तथा H₂ उपवयित होकर H₂O बनाती हैl

अतः उपचयित पदार्थ CuO है तथा अपचवित पदार्थ H₂ है।


पाठ्यपुस्तक के अभ्यास के प्रश्न (TEXTUAL EXERCISES)

प्रश्न 1. नीचे दी गयी अभिक्रिया के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है? (HYT, Sept.-2016)

2PbO(s)+ C(s)--------  2Pb(s) + CO₂(g)

(a) सीसा अपचवित हो रहा है।

(b) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है।

(c) कार्बन उपचयित हो रहा है।

(d) लैंड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है।

(1) (a) एवं (b)

(ii) (a) एवं (c)

(iii) (a), (b) एवं (c)

(iv) सभी

उत्तर-(1) (a) एवं (b) कथन असत्य हैं।

 प्रश्न 2.   Fe₂O₃+2A1 -------  Al₂O₃ + 2Fe

ऊपर दी गयी अभिक्रिया किस प्रकार की है:(SAT, July-2016)

(a) संयोजन अभिक्रिया

(b) द्विविस्थापन अभिक्रिया

(d) विस्थापन अभिक्रिया

(c) वियोजन अभिक्रिया

उत्तर-

(d) विस्थापन अभिक्रिया

Hint: इस अभिक्रिया में Fe₂O₃ से Fe का विस्थापन Al द्वारा किया जाता है।


प्रश्न 3. लौह-चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? सही उत्तर पर निशान लगाइए। (HBSE 2017)

(a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।

(b) क्लोरीन गैस एवं आयरन हाइड्रॉक्साइड बनता है।

(c) कोई अभिक्रिया नहीं होती है।

(d) आयरन लवण एवं जल बनता है।

उत्तर- 

हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।

(HBSE 2017)

Hint: Fe आयरन+2HCIतनु हाइड्रोक्लोरिक अम्त

→FeCl2आयरन क्लोराइड + H₂हाइड्रोजन आयरन क्लोराइड

प्रश्न 4. संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?

उत्तर- संतुलित रासायनिक समीकरण

किसी रासायनिक अभिक्रिया के लिए लिखे रासायनिक समीकरण में यदि अभिकारकों तथा उत्पादों प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान हो तो उसे संतुलित रासायनिक समीकरण कहते हैं।

उदाहरण:

N₂(g)नाइट्रोजन+ 3H2(g)हाइड्रोजन -------2NH3(g)अमोनिया

रासायनिक समीकरण को संतुलित इसलिए किया जाता है, क्योंकि द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो निर्माण होता है और न विनाश। इस तथ्य के अनुसार रामायनिक अभिक्रिया में दोनों ओर द्रव्यमान समान होना चाहिए और यह तभी संभव है जब दोनों तरफ प्रत्येक तत्व चं परमाणुओं की संख्या समान हो।


प्रश्न 5. निम्न कथनों का रासायनिक समीकरण के रूप में अनुवाद कर उसे संतुलित करें-

(a) नाइट्रोजन, हाइड्रोजन गैस से संयोग करके अमोनिया बनाता है। (SAT, July-2017) 

(b) हाइड्रोजन सल्फाइड गैस का वायु में वहन होने पर जल एवं सल्फर डाइऑक्साइड बनता(HBSE 2010) 

(c) सल्फेट के साथ अभिक्रिया कर बेरियम क्लोराइड, ऐलुमिनियम क्लोराइड एवं वेरियम सल्फेट का अवक्षेप देता है। (HBSE 2010)

(d) पोटैशियम धातु, जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड एवं हाइड्रोजन गैस देती है। उत्तर (a) कंकाली समीकरण

N₂ (g) नाइट्रोजन+H₂(g) हाइड्रोजन-----NH3(g) अमोनिया 

संतुलित समीकरण

N₂(g) + 3H2(g) ------2NH3 (g)


(b) कंकाली समीकरण

H2 (g) +O2(g)------++H₂O (1)


SO₂ (g) सल्फर डाइऑक्साइड


संतुलित समीकरण


25 (g) + 30 (8) हाइड्रोजन सल्फाइड


2H₂O (1) जल


ऑक्सीजन


250 (g) सल्फर डाइऑक्साइड


(c) कंकाली समीकरण BaCl(aq)


Al(SO) (aq) ऐलुमिनियम सल्फेट


AICI, (aq) ऐलुमिनियम क्लोराइड


BaSO, (s)


बेरियम क्लोराइड


संतुलित समीकरण


Al₂ (SO) (aq) + 3BaCl, (aq) बेरियम क्लोराइड


→2AICI, (aq) + ऐलुमिनियम क्लोराइड


3BaSO, (5) बेरियम सल्फेट


ऐलुमिनियम सल्फेट


(d) कंकाली समीकरण


K (s) पोटैशियम


+ जत


H₂O(1)


KOH (aq) पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड


H₂(g) बाइड्रोजन


संतुलित समीकरण


2K (s) + 2H₂O(1) पोटेशियम


जत →2KOH (aq) पोटेशियम हाइकि


H₂ (g)


HE


विज्ञान-X 9


प्रश्न 6. निम्न रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए-


(a) HNO,+ Ca(OH), Ca(NO₂), H₂O


(b) NaOH +HSO, Na,SO,+ H₂O


(c) NaCl+ AgNO, AgCl + NaNO,


BaCl, H₂SO₄ → BaSO, HCI


उत्तर- (0) 2HNO, + Ca(OH)2 नाइट्रिक अप Ca(NO3)2 + 2H₂O


(b) 2NaOH HSO सोडियम शाइ‌किसाइड सत्ययूरिक अम्ल Na,50, सोडियम सल्फेट + 2H₂O


(c) NaCl सोडियम क्लोराइड + AgNO, सिल्वर नाइट्रेट AgCl सिल्वर क्लोराइड + NaNO, सोडियम नाइट्रेट


(d)


BaCl HSO BaSO 2HCI


प्रश्न 7. निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए-


(HBSE 2011, 2013)


बेरियम क्लोराइड सत्फ्यूरिक अम्ल मंरियम सल्फेट


(a) कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड कार्बन डाइऑक्साइड कैल्शियम कार्बनिट जल


(b) जिंक सिल्वर नाइट्रेट जिंक नाइट्रेट सिल्वर


(c) ऐलुमिनियम + कॉपर क्लोराइड ऐलुमिनियम क्लोराइड कॉपर


(d) बेरियम क्लोराइड पोटैशियम सल्फेट बेरियम सल्फेट पोटैशियम क्लोराइड


उत्तर- (a)


Ca(OH)2 कैल्सियम हाइड्रॉक्राइड CO₂ कार्बन डाइऑक्साइड CaCO कैल्सियम कार्बोनेट +


HO


(b) Zn 2AgNO, +


Zn (NO3)2 2Ag


विक 2A1 सिल्वर नाइट्रेट 3CuCl2 जिंक नाइट्रेट 2AICI सिल्वर 3Cu (c) +


ऐलुमिनियम कॉपर क्लोराइड ऐलुमिनियम क्लोराइड कपिर


(d) BaCl₂ बेरियम करोराइड KSO पोटेशियम सल्फेट BaSO बेरियम सल्फेट 2KCI पोटेशियम क्लोराइड


प्रश्न 8. निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए एवं प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए।


(a) पोटैशियम ब्रोमाइड (aq) + बेरियम आयोडाइड (aq) पोटैशियम आयोडाइड (aq)


+ बेरियम ब्रोमाइड (s)


जिंक ऑक्साइड (s) + कार्बन डाइऑक्साइड (g)


(HBSE 2011, 2014)


(b) जिंक कार्बोनेट (s) (c) हाइड्रोजन (g) + क्लोरीन (g) हाइड्रोजन क्लोराइड (g) (HYT, Sept.-2016, SAT, July-2017)


(d) मैग्नीशियम (s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (aq) मैग्नीशियम क्लोराइड (aq) + हाइड्रोजन (g)


(HBSE 2014)


उत्तर- (0) 2KBr(aq) + Bal(aq) पोटेशियम ब्रोमाइड बेरियम आयोडाइड 2KI(aq) पोटैशियम आयोडाइड BaBr(s)


यह एक द्विविस्थापन अभिक्रिया है।


(b) ZnCO, (5) जिंक कार्बोनेट ZnO(s) जिंक ऑक्साइड यह वियोजन/ अपघटन अभिक्रिया का उदाहरण है। CO(g)

10 छात्र पुनश्चर्या श्रृंखला


(4) यह संयोजन अभिक्रिया का उदाहरण है।


एच(जी)


(ए)


2एचसीएल(जी)


2HCl(aq)


एमजीसीएल(aq)


एमजी(एस)


यह विस्थापन अभिक्रिया का उपहरण है। ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्याशोषी अभिक्रिया का क्या अर्थ है? उदाहरण हैं।


प्रश्न 9. उत्तर- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया-वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें ऊष्मात्सर्ज है।


एफएच(जी)


(एमबीएसई 2012, 2017)


उदाहरण:


(1) कोक का दहन


सी (एस) +


0(जी)


सीओ, (जी)


+


CH(g) मिथेन +


सीओ, (जी)


(1) प्राकृतिक गैस (मिथेन) का दहन


20, (जी)


ऊष्माशोषी अभिक्रिया-वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें ऊष्मा का अवशोषण होता है, ऊष्मा अभिक्रिय कहलाती है।


उदाहरण: (1) कैल्सियम कार्बोनेट का वियोजन


CaCO, (एस)


कैल्सियम कार्यानेट


CaO(s)


कैल्सियम ऑभाइड + CO2(g)


+ ऊष्मा


→ 2NO (जी)


(2) नाइट्रोजन की ऑक्सीजन के साथ क्रिया


O2(g) N₂(g) +


नाइट्रोजन


प्रश्न 10. श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए। उत्तर- श्वसन जीवों में होने वाली एक रासायनिक अभिक्रिया है। इस क्रिया में कोशिकाओं में उपस्थित ग्लूकोज से क्रिया करता है तथा इसका अपघटन होता है। यह क्रिया एंजाइमों की सहायता से होती है। (HBSE, 2011)


सीएचओ(एक्यू) +


602 (एक्यू)


→6CO₂(g)+ 6H₂O (1) ऊर्जा


ऑक्सीजन


कार्बन डाइऑक्साइड जत


इस अभिक्रिया में CO, एवं जल के अतिरिक्त ऊर्जा भी मुक्त होती है, अतः श्वसन को मारी अभिक्रिय कहा जाता है।


प्रश्न 11. वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए। उत्तर- वियोजन अभिक्रिया में एकल अभिकारक दो या दो से अधिक उत्पादों में विघटित होता है जबकि अभिक्रिय


में इसके बिल्कुल विपरीत दो या दो से अधिक अभिकारक संयोग करके एकल उत्पाद बनाते हैं। इसलिए वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत कहा जाता है। उदाहरण


(1) संयोजन अभिक्रिया-


2H₂(g) +


O2(जी)


हाइड्रोजन


2H₂O (1)


+ ऊर्जा


वियोजन अभिक्रिया-


विद्युत धारा


2H₂O (0)


2H₂(g) + O2(g)


जीतना

(ii) संयोजन अभिक्रिया-


CaO (s) + H₂O (1) →


जल कैल्सियम ऑक्साइड


Ca(OH), (aq) + ऊष्मा


कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड


वियोजन अभिक्रिया-


Ca(OH), (aq)


कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड


CaO (s) + H₂O (1)


कैल्सियम ऑक्साइड जाल


विज्ञान-X 11


प्रश्न 12. उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखिए जिनमें ऊष्मा, प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है।


(HBSE 2018, 2012; SAT, July-2017)


उत्तर- (1)


CaCO, (s)


कैल्सियम कार्बोनेट


ऊष्मा


CaO (s) + CO2 (g)


कैल्सियम ऑक्साइड


(ii)


2AgCl (s)


सूर्य का प्रकाश 2Ag (s) + C(g)


सिल्वर क्लोराइड


सिल्वर 2H₂ (g)


क्लोरिन


विद्युत धारा


(iii)


2H₂O (1)


जल प्रश्न 13. विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।


हाइड्रोजन


O2 (g)


ऑक्सीजन


(HBSE 2017)


उत्तर- विस्थापन अभिक्रिया वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें एक अधिक क्रियाशील तत्त्व कम क्रियाशील तत्व को उसके लवणीय विलयन में से विस्थापित कर देता है, उसे विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं।


उदाहरणः (1) आयरन द्वारा कॉपर सल्फेट विलयन में से कॉपर का विस्थापन


Fe (s) + CuSO4 (aq) → FeSO4(aq) + Cu (s) आयरन कॉपर सल्फेट कॉपर आयरन (II) सल्फेट


(ii) जिंक द्वारा कॉपर सल्फेट विलयन में


से कॉपर का विस्थापन


Zn (s) +


CuSO, (aq) → कॉपर सल्फेट


जिंक


ZnSO, (aq) + Cu (s)


जिंक सल्फेट


कॉपर


द्विविस्थापन अभिक्रिया-वह रासायनिक द्विविस्थापन अभिक्रिया कहते हैं। अभिक्रिया जिसमें अभिकारकों के आयन परस्पर बदले जाते हैं. उसे


उदाहरण:


(1) सोडियम सल्फेट तथा बेरियम क्लोराइड की अभिक्रिया


Na₂SO₄ (aq) +


BaCl, (aq)


सोडियम सल्फेट


बेरियम क्लोराइड


BaSO (s) + 2NaCl


(aq) सोडियम क्लोराइड



बेरियम सल्फेट


(i) लैड नाइट्रेट Pb (NO₂), (aq) + 2KI (aq) → 2KNO, (aq)


तथा पोटैशियम आयोडाइड की अभिक्रिया


लैड नाइट्रेट


पोटैशियम आयोडाइड


पोटैशियम नाइट्रेट


+ Pbl₂ (s) लैड आयोडाइड


प्रश्न 14. सिल्वर के शोधन में सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।


उत्तर-


Cu (s) + 2AgNO, (aq) → Cu(NO₂), (aq) + 2Ag (s) कॉपर नाइट्रेट सिल्वर


कपिर सिल्वर नाइट्रेट


(HBSE 2011, 12, 14) प्रश्न 15. अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए। उत्तर- अवक्षेपण अभिक्रिया-वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें अवक्षेप (जल में अविलय ठोस पदार्थ) बनता है. अवक्षेपण अभिक्रिया कहलाती है

Refresher Series


उवाहरण:


(1) Na,SO, (aq)+ BaCl (aq) BaSO, (5) 2NaCl (aq) ()


(ii) Pb (NO₂), (aq) + 2K1 (aq) Pbl, (s) + 2KNO, (aq)


प्रश्न 16. ऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर निम्न पनों की व्याख्या कीजिए। प्रत्येक के लिए दी उराहरण बीजिए।


(a) उपचयन (Oxidation)


(b) अपचयन (Reduction)


उत्तर-


(a) उपचयन-वह जिसमें कोई पदार्थ ग्रहण करता हाइड्रोजन का हाय करत है तो उस अभिक्रिया को उपचयन कहते हैं।


उदाहरण:


(1) (ii) C कार्बन 2Zn जिंक + CO, कार्बन डाइऑक्साइड 2 ZnO जिंक ऑक्साइड ऑक्सीजन ऑक्सीजन +


(b) अपचयन-वह अभिक्रिया जिसमें कोई पदार्थ है तो उस अभिक्रिया को अपचयन कहते हैं। हाइड्रोजन को ग्रहण करता है, या ऑक्सीजन का द्वास करत


उदाहरण


(1) ZnO (s) + जिंक ऑक्साइड (ii) CuO (s) + C (s) कार्बन H₂ (g) कॉपर (II) अऑक्साइड हाइड्रोजन Zn (s) + जिंक Cu (s) + कॉपर CO (g) कार्बन मोनोऑक्साइड H₂O (1) जल प्रश्न 17. एक भूरे रंग का चमकदार तत्त्व 'X' को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जात


है। इस तत्त्व 'X' एवं उस काले रंग के यौगिक का नाम बताइए। (HYT, Sept-2017) उत्तर- तत्त्व 'X' ताँबा (कॉपर) है। कॉपर भूरे रंग का चमकदार तत्त्व होता हैं। जब इसे गर्म किया जाता है तो जाते रंग का यौगिक कॉपर ऑक्साइड बनता है। समीकरण को निम्न प्रकार से लिखा जा सकता है:


2Cu(s) + O2(g) कॉपर (भूरा) अऑक्सीजन (वायु में) ऊष्मा → 2CuO(s) कॉपर ऑक्साइड (काला)


प्रश्न 18. लोहे की वस्तुओं को हम पेंट क्यों करते हैं?


(SATJ-


उत्तर- लोहा एक क्रियाशील धातु है। जब यह नमी की उपस्थिति में वायु के संपर्क में आता है तो यह ऑक्सीजन के साथ क्रिया करके आयरन ऑक्साइड की परत बना लेता है। इस प्रक्रिया को लौह का संक्षारण या जंग लगने की प्रक्रिया कहते हैं। इस प्रक्रिया से लोहा क्षीण हो जाता है। 4Fe +xH2O+30₂→ 2Fe2O3xx H₂O आयरन नमीयुक्त वायु


जग


इसलिए, लोहे को नमी एवं ऑक्सीजन के संपर्क में आने से बचाने के लिए लोहे पर पेंट किया जाता है। प्रश्न 19. तेल एवं वसायुक्त खाद्य-पदाथों को नाइट्रोजन से प्रभावित क्यों किया जाता है? (HBSE 2011)


उत्तर- तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से प्रभावित किया जाता है क्योंकि नाइट्रोजन एक अक्रिय गैस तथा यह ऐसे खाद्य पदार्थों को ऑक्सीकृत होने से बचाती है। इसलिए नाइट्रोजन के प्रभाव के कारण चिना आरि खाद्य पदार्थ लंबे समय तक भी खराब नहीं होते।

।प्रश्न 20. निम्न पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण वीजिए-


(a) संक्षारण


(b) विकृतगंधिता


विज्ञान-X | 13


(HBSE 2012)


उत्तर- (a) संक्षारण धातुओं का पर्यावरणीय कारकों से प्रभावित होकर क्षीण होना संक्षारण कहलाता है। वायु में


उपस्थित ऑक्सीजन, अम्लीय गैसे जैसे SO, NO, आदि धातुओं के साथ क्रिया करके उनका संक्षारण करती


हैं। इसके अतिरिक्त धातुएँ नमी एवं जल के साथ क्रिया करके भी संक्षारित हो जाती है। संक्षारण के कारण


धातुओं की चमक क्षीण हो जाती हैं तथा ये कमजोर हो जाती है।


उदाहरण-लोहे को जंग लगना, चाँदी के ऊपर काली परत का बनना, धातुओं में संक्षारण के उदाहरण हैं। विकृतगंधिता-तैलीय अथवा वसायुक्त खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक वायु के संपर्क में छोड़ने से वे


(b)


ऑक्सीकृत हो जाते हैं जिससे इनके स्वाद एवं गंध में परिवर्तन हो जाता है। इस प्रक्रिया को विकृतगंधिता कहते हैं। विकृतगंधिता के फलस्वरूप ये खाद्य पदार्थ खाने के लिए उपयुक्त नहीं रहते।


उदाहरण-चिप्स के पैकेट को नाइट्रोजन गैस से प्रभावित किया जाता है ताकि इनका ऑक्सीकरण न हो तथा ये लंबे समय तक संरक्षित रह सकें।


खाद्य पदार्थों को वायुरूद्ध डिब्बों में बंद रखकर तथा प्रतिऑक्सीकारक पदार्थों के प्रयोग से विकृतगंधिता से बचा जा सकता है।


A.

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