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कक्षा 7 जिज्ञासा अध्याय 2 पदार्थ का अन्वेषण अम्लीय क्षारीय एवं उदासीन

कक्षा 7 जिज्ञासा अध्याय 2 पदार्थ का अन्वेषण अम्लीय क्षारीय एवं उदासीन

अभ्यास के सभी प्रश्नों के उत्तर 


**अध्याय – 2**

**निम्नलिखित शब्दों की परिभाषा लिखिए :**

**1) सूचक (Indicator)** →

वे पदार्थ जो अम्लीय (Acidic) और क्षारीय (Basic) विलयनों में अलग-अलग रंग दिखाते हैं, सूचक कहलाते हैं।

**उदाहरण:** हल्दी (Turmeric)

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**2) प्राकृतिक सूचक (Natural Indicator)** →

वे सूचक जो पौधों या प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त होते हैं, प्राकृतिक सूचक कहलाते हैं।

**उदाहरण:** हल्दी, गुड़हल (China rose) के फूल, गुलाब की पंखुड़ियों का अर्क आदि।

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**3) अम्ल (Acid)** →

वे पदार्थ जिनका स्वाद खट्टा होता है, अम्ल कहलाते हैं।

**उदाहरण:** आंवला, सिरका, संतरे का रस आदि।

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**4) क्षार/आधार (Base)** →

वे पदार्थ जिनका स्वाद कड़वा होता है और स्पर्श में साबुन जैसे (चिकने) लगते हैं, क्षार कहलाते हैं।

**उदाहरण:** साबुन का घोल, बेकिंग सोडा का घोल आदि।

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**5) घ्राण सूचक (Olfactory Indicator)** →

वे पदार्थ जो अम्ल या क्षार की उपस्थिति में अपनी गंध (Smell) बदल देते हैं, घ्राण सूचक कहलाते हैं।

**उदाहरण:** प्याज का रस आदि।

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**6) उदासीनीकरण (Neutralisation)** →

अम्ल और क्षार के बीच होने वाली रासायनिक अभिक्रिया जिसमें लवण (Salt) और जल (Water) बनते हैं, उदासीनीकरण कहलाती है।

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**7) उदासीन पदार्थ (Neutral Substances)** →

वे पदार्थ जो न तो अम्लीय होते हैं और न ही क्षारीय, उदासीन पदार्थ कहलाते हैं।

**उदाहरण:** चीनी का घोल, नमक का घोल आदि।


पाठ के प्रश्न उत्तर 

प्रश्न  1.

एक विलयन लाल लिटमस पत्र को नीला कर देता है। निम्नलिखित में से कौन-सा विलयन अम्लीय माध्यम में मिलाने पर परिवर्तन को उलट देगा?
(i) चूने का पानी
(ii) बेकिंग सोडा
(iii) सिरका
(iv) साधारण नमक का विलयन

उत्तर:

लाल लिटमस को नीला करने वाला विलयन क्षारीय (बेसिक) होता है।
अब यदि इसे अम्लीय माध्यम में मिलाया जाए तो यह पुनः लाल हो जाएगा।

दिए गए विकल्पों में:

  • चूने का पानी → क्षारीय

  • बेकिंग सोडा → क्षारीय

  • सिरका → अम्लीय ✅

  • नमक का विलयन → उदासीन

अतः सही उत्तर: (iii) सिरका


प्रश्न 2.

आपको ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ नामांकित तीन विलयन दिए गए हैं।

  • ‘क’ में लाल लिटमस डालने पर वह नीला हो जाता है → ‘क’ क्षारीय है

  • ‘ख’ में हल्दी डालने पर वह लाल हो जाता है → ‘ख’ क्षारीय है

  • ‘ग’ में गुड़हल के अर्क की कुछ बूंदें डालने पर वह हरा हो जाता है → ‘ग’ अम्लीय है

इनके आधार पर ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ की प्रकृति का सही क्रम बताइए।

उत्तर:

  • ‘क’ → क्षारीय

  • ‘ख’ → क्षारीय

  • ‘ग’ → अम्लीय

अतः सही उत्तर: (ii) क्षारीय, क्षारीय और अम्लीय


प्रश्न 3.

चित्र 2.13, 2.14 और 2.15 का अवलोकन कर उनका विश्लेषण कीजिए। इनमें अलग-अलग रंगों में भिगोई गई कागज की पट्टियों का उपयोग किया गया है। प्रयोग द्वारा विलयन की प्रकृति का निर्धारण कीजिए।

उत्तर:

चित्रों में अलग-अलग संकेतक (Indicators) प्रयोग किए गए हैं:

  • रंग परिवर्तन से यह पता चलता है कि विलयन अम्लीय है या क्षारीय।

सामान्य निष्कर्ष:

  • यदि रंग लाल से नीला होता है → क्षारीय

  • यदि नीला से लाल होता है → अम्लीय

  • यदि कोई परिवर्तन नहीं होता → उदासीन

इस प्रकार, रंग परिवर्तन के आधार पर विलयन की प्रकृति ज्ञात की जाती है।


प्रश्न 4.

प्रयोगशाला में एक द्रव पदार्थ का परीक्षण विभिन्न सूचकों द्वारा किया गया। परिणाम निम्न हैं:

सूचकलाल लिटमस नीला लिटमसहल्दी
परिणामकोई परिवर्तन नहीं लाल में  परिवर्तन कोई परिवर्तन नहीं

इस आधार पर द्रव की प्रकृति बताइए।

उत्तर:

  • लाल लिटमस → कोई परिवर्तन नहीं (अम्लीय नहीं)

  • नीला लिटमस → लाल में बदल गया → अम्लीय

  • हल्दी → कोई परिवर्तन नहीं

निष्कर्ष:
द्रव अम्लीय (Acidic) है।



## **प्रश्न 5.**


माया की आँखों पर पट्टी बंधी है। उसे दो अज्ञात विलयन दिए गए हैं ताकि वह जाँच सके कि वे अम्लीय हैं या क्षारीय। माया को विलयन का परीक्षण करने के लिए किस सूचक का उपयोग करना चाहिए और क्यों?


### **उत्तर:**


माया को **घ्राण (सूंघने) वाले सूचक** जैसे **प्याज, वनीला या लौंग का तेल** उपयोग करना चाहिए।

**कारण:**

* अम्लीय विलयन में इनकी गंध बनी रहती है।

* क्षारीय विलयन में इनकी गंध समाप्त हो जाती है।

इस प्रकार बिना देखे भी वह अम्ल और क्षार की पहचान कर सकती है।

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## **प्रश्न 6.**

क्या आप विभिन्न सामग्रियों का सुझाव दे सकते हैं जिनका उपयोग श्वेत कागज पर संदेश लिखने के लिए किया जा सकता है और छिड़काव वाली बोतल में क्या लिया जा सकता है? विभिन्न संयोजनों के प्रयोग से प्राप्त लेखन के रंगों को एक तालिका में लिखिए।

### **उत्तर:**

| लिखने का पदार्थ | छिड़काव में पदार्थ | प्राप्त रंग |

| --------------- | ------------------ | ----------- |

| नींबू का रस | हल्दी | लाल-भूरा |

| साबुन घोल | हल्दी | लाल |

| सिरका | नीला लिटमस | लाल |

| बेकिंग सोडा | लाल लिटमस | नीला |

**निष्कर्ष:**

अलग-अलग सूचकों के साथ विभिन्न पदार्थों से अलग-अलग रंग प्राप्त होते हैं।

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## **प्रश्न 7.**

अंगूर के रस को लाल गुलाब के अर्क के साथ मिलाया गया। मिश्रण का रंग लाल हो गया। यदि इसमें बेकिंग सोडा मिलाया जाए तो क्या होगा? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

### **उत्तर:**

* अंगूर का रस अम्लीय होता है, इसलिए रंग लाल हुआ।

* बेकिंग सोडा **क्षारीय** होता है।

जब बेकिंग सोडा मिलाया जाएगा:

➡️ रंग **लाल से हरा/नीला** हो जाएगा।

**निष्कर्ष:**

क्षार मिलाने पर संकेतक का रंग बदल जाता है।

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## **प्रश्न 8.**

अभिषेक ने संतरे के रस का उपयोग करके गुप्त संदेश लिखा। क्या आप इस संदेश को दृश्यमान करने में मदद कर सकते हैं? इसके लिए किस सूचक का प्रयोग करेंगे?

### **उत्तर:**

* संतरे का रस **अम्लीय** होता है।

* संदेश को देखने के लिए **नीला लिटमस** या **हल्दी** का उपयोग किया जा सकता है।

**परिणाम:**


* नीला लिटमस → लाल हो जाएगा

* हल्दी → कोई परिवर्तन नहीं

इस प्रकार संदेश दिखाई देगा।

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## **प्रश्न 9.**

प्राकृतिक सूचक कैसे तैयार किया जा सकता है? उदाहरण देकर समझाइए।

### **उत्तर:**

प्राकृतिक सूचक पौधों से प्राप्त किए जाते हैं।

**तैयारी विधि:**

1. फूल/पत्तियाँ लें (जैसे गुलाब, गुड़हल)।

2. इन्हें पानी में उबालें।

3. छानकर रंगीन घोल प्राप्त करें।

**उदाहरण:**

* लाल गुलाब → अम्ल में लाल, क्षार में हरा

* हल्दी → क्षार में लाल

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## **प्रश्न 10.**

आपको तीन द्रव पदार्थ दिए गए हैं—सिरका, बेकिंग सोडा का विलयन और शक्कर का विलयन। क्या आप केवल लिटमस का उपयोग करके इन्हें पहचान सकते हैं? व्याख्या कीजिए।

### **उत्तर:**

हाँ, पहचान सकते हैं:

* **सिरका (अम्लीय):**

  नीला लिटमस → लाल


* **बेकिंग सोडा (क्षारीय):**

  लाल लिटमस → नीला


* **शक्कर का विलयन (उदासीन):**

  कोई परिवर्तन नहीं


**निष्कर्ष:**

लिटमस से तीनों की पहचान संभव है।

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## **प्रश्न 11.**

लाल लिटमस का रंग द्रव X  बदल देता है। द्रव X की प्रकृति क्या होगी?


### **उत्तर:**

* लाल लिटमस का रंग बदलकर नीला हो गया → द्रव X **क्षारीय** है।

**निष्कर्ष:**

द्रव X की प्रकृति **क्षारीय (Basic)** है

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## **प्रश्न 12.**

निम्नलिखित प्रवाह चित्र में दी गई सूचनाओं का अवलोकन कीजिए और उनका विश्लेषण कीजिए। अधूरी जानकारी को पूरा कीजिए।

एक उद्यान की कल्पना कीजिए जिसमें पौधे स्वस्थ दिखाई नहीं दे रहे हैं।


(क) मृदा की प्रकृति ______ हो सकती है।

(ख) मृदा की प्रकृति ______ हो सकती है।

(ग) मृदा की प्रकृति का परीक्षण करने के लिए किस सूचक का उपयोग किया जा सकता है?

(घ) अम्लीय मृदा का उपचार ______ से किया जा सकता है।

(ङ) क्षारीय मृदा का उपचार ______ से किया जा सकता है।

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## **उत्तर:**

**(क)** मृदा की प्रकृति **अम्लीय** हो सकती है।

**(ख)** मृदा की प्रकृति **क्षारीय** हो सकती है।

**(ग)** मृदा की प्रकृति का परीक्षण करने के लिए **लिटमस पेपर (सूचक)** का उपयोग किया जा सकता है।

**(घ)** अम्लीय मृदा का उपचार **चूना (Quicklime / Slaked lime)** डालकर किया जा सकता है।

**(ङ)** क्षारीय मृदा का उपचार **जैविक खाद / कम्पोस्ट (Organic matter)** डालकर किया जा सकता है।

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## **निष्कर्ष (Conclusion):**

यदि पौधे स्वस्थ नहीं हैं, तो मृदा की प्रकृति (अम्लीय या क्षारीय) कारण हो सकती है। सही सूचक से परीक्षण करके उचित उपचार किया जा सकता है।

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## **प्रश्न (गहन चिंतन):**

अमन ने भूल से अंडे के छिलकों तथा संगमरमर के कुछ टुकड़ों पर सिरका गिरा दिया और उसने वहाँ बुलबुले उठते देखे। फिर उसने अंडे के छिलकों तथा संगमरमर के अन्य टुकड़ों पर साबुन का विलयन डाला, परंतु तब बुलबुले नहीं निकले। सिरके के साथ बुलबुले बने परंतु साबुन के विलयन के साथ नहीं, ऐसा क्यों?

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## **उत्तर:**

अंडे के छिलके और संगमरमर में **कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO₃)** पाया जाता है।

* **सिरका (Vinegar)** एक **अम्ल (Acid)** है।

* जब अम्ल, कैल्शियम कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करता है, तो **कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस** उत्पन्न होती है।

* यही गैस **बुलबुले (Bubbles)** के रूप में दिखाई देती है।

**रासायनिक अभिक्रिया:**

कैल्शियम कार्बोनेट + अम्ल → कार्बन डाइऑक्साइड + अन्य उत्पाद

दूसरी ओर:

* **साबुन का विलयन** एक **क्षारीय (Basic)** पदार्थ है।

* क्षार, कैल्शियम कार्बोनेट के साथ इस प्रकार की अभिक्रिया नहीं करता।

* इसलिए कोई गैस नहीं बनती और **बुलबुले नहीं दिखाई देते।**

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## **निष्कर्ष:**

सिरका (अम्ल) के कारण गैस बनने से बुलबुले बने, जबकि साबुन (क्षार) के साथ ऐसी अभिक्रिया नहीं हुई, इसलिए बुलबुले नहीं बने।


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