10th science chapter 9
कुछ महत्त्वपूर्ण परिभाषाएँ (SOME IMPORTANT DEFINITIONS)
1. प्रकाश (Light)-प्रकाश एक प्रकार की विकिरण ऊर्जा है जो हमारी आँखों में देखने की संवेदना उत्पन्न करती है।
2 किरण पुंज (Beam of Light)-किरणों के समूह को किरण पुंज कहते हैं।
3. प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light)-जब प्रकाश की कोई किरण किसी तल से टकराकर उसी माध्यम में वापस आ जाती है तो उसे प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।
अथवा प्रकाश की किरण का किसी सतह से टकराकर वापस उसी माध्यम में आने की परिघटना को प्रकाश परावर्तन कहते हैं।
4. प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light)-प्रकाश की किरण का एक पारदर्शक माध्यम से दूसरे पारदर्शक माध्यम में जाने पर अपने पथ से विचलित होना प्रकाश का अपवर्तन कहलाता है।
5. पारदर्शक माध्यम (Transparent Medium)-वे माध्यम (जैसे वायु, काँच) जो प्रकाश की किरणों को अपने में से आसानी से गुजरने देते हैं, पारदर्शक माध्यम कहलाते हैं।
6. गोलीय दर्पण (Spherical Mirror)-वह दर्पण जिसका परावर्तक तल किसी गोले का भाग होता है, गोलीय दर्पण कहलाता है।
7 उत्तल दर्पण (Convex mirror)-वह गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक तल बाहर की ओर वक्र होता है. उसे उत्तल दर्पण कहते हैं।
8. अवतल दर्पण (Concave Mirror)-वह गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक तल अन्दर की ओर वक्र होता है उसे अवतल दर्पण कहते हैं।
9. दर्पण का ध्रुव (Pole of Mirror)-किसी गोलीय दर्पण के परावर्तक तल का केन्द्र ध्रुव कहलाता है।
10. वक्रता केंद्र (Centre of Curvature)-उस गोले का केंद्र जिसका दर्पण एक भाग है, दर्पण का वक्रता केंद्र
कहलाता है।
11. वक्रता त्रिज्या (Radius of Curvature)-उस गोले की त्रिज्या जिसका दर्पण एक भाग है, दर्पण की वक्रता त्रिन्या कहलाती है।
12. मुख्य अक्ष (Principal Axis)-एक सीधी रेखा जो गोलीय दर्पण के ध्रुव तथा वक्रता केंद्र में से गुजरती है. मुख्य अक्ष कहलाती है।
13. मुख्य फोकस (Principal Focus)-मुख्य अक्ष के समांतर प्रकाश की किरणें परावर्तन के पश्चात् मुख्य अक्ष पर स्थित एक बिंदु पर मिलती हैं अथवा इस बिंदु से फैलती हुई प्रतीत होती हैं, यह बिंदु मुख्य फोकस कहलाता है।
14. फोकस दूरी (Focal Length)-गोलीय दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच की दूरी दर्पण की फोकस दूरी कहलाती है।
15. वास्तविक प्रतिबिंब (Real Image)-वह प्रतिविंव जिसे पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है, वास्तविक प्रतिबिंबव कहलाता है।
16. आभासी प्रतिबिंब काल्पनिक प्रतिबिंब (Virtual Image)-वह प्रतिबिंब जिसे पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता, उसे आभासी प्रतिबिंब कहते हैं।
17. दर्पण सूत्र (Mirror Formula) दर्पण की फोकस दूरी (f), दर्पण से प्रतिबिंब की दूरी (v) तथा दर्पण से वस्तु की दूरी (u) के बीच गणितीय संबंध को दर्पण सूत्र कहते हैं।
1/f =1/u+1/v
18. लेंस (Lens)-दो तलों से घिरा हुआ एक पारदर्शक माध्यम जिसका कम से कम एक तल वक्र होता है, लेस कहलाता है।
19. उत्तल लेंस (Convex Lens)-वह गोलीय लेंस जिसके दोनों वक्र तल बाहर की ओर उभरे हुए होते हैं, उत्तक लेंस कहलाता है।
20. अवतल लेंस (Concave Lens)-वह गोलीय लेंस जिसके दोनों वक्र तल अन्दर की ओर धंसे हुए होते हैं. अवतल लेंस कहलाता है।
विज्ञान-X
21. प्रकाशीय केंद्र (Optical Centre)-किसी गोलीय लेंस के केंद्र को लेंस का प्रकाशीय केंद्र कहते हैं। इसमें से प्रकाश की किरण बिना मुडे़ सीधी निकल जाती है।
22. द्वारक (Aperture)-किसी गोलीय लेंस की गोलाकार परिधि का प्रभावी व्यास द्वारक कहलाता है।
23. लेंस का मुख्य अक्ष (Principal Axis of Lens)-गोलीय लेंस के दोंनों वक्रता केन्द्रों से गुजरने वाली सौधी
काल्पनिक रेखा को लेंस का मुख्य अक्ष कहते हैं।
24. लेंस की फोकस दूरी (Focal Length of Lens)-गोलीय लेंस के प्रकाशीय केंद्र से मुख्य फोकस के बीच की दूरी लेंस की फोकस दूरी कहलाती है।
25. अपवर्तनांक (Refractive Index)-प्रकाश की वायु में गति और किसी अन्य माध्यम में गति के अनुपात को
अपवर्तनांक कहते हैं।
वायु में प्रकाश की गति/माध्यम में प्रकाश की गति
26. विरल माध्यम (Rarer Medium)-वह पारदर्शक माध्यम जिसका अपवर्तनांक तुलनात्मक रूप में कम होता है,
विरल माध्यम कहलाता है।
27. सघन माध्यम (Denser Medium)-वह पारदर्शक माध्यम जिसका अपवर्तनांक अधिक होता है, सयन माध्यम कहलाता है।
28. लेंस सूत्र (Lens Formula)-किसी लेंस की फोकस दूरी (f) लेंस से प्रतिबिंब की दूरी (v), लेंस से वस्तु की दूरी (u), के बीच गणितीय संबंध को लेंस सूत्र कहते हैं।
29. आवर्धन (Magnification)-किसी गोलीय दर्पण या लेंस के द्वारा किसी वस्तु के प्रतिबिंब के आकार तथा वस्तु के आकार के अनुपात को आवर्धन कहते हैं। h'
171 =
30. लेंस की शक्ति/क्षमता (Power of Lens)-किसी लेंस द्वारा प्रकाश की किरणों को अभिसरित या अपसरित करने की क्षमता को लेंस की शक्ति कहते हैं। इसे लेंस की फोकस दूरी (मीटर में) के व्युत्क्रम के रूप में भी परिभाषित किया जा सकता है।
P= 1 f (in m)
31. 1 डाइऑप्टर (Dioptre)-एक डाइऑप्टर किसी 1m फोकस दूरी वाले लेंस की क्षमता होती है। डाइआप्टर किसी लेंस की क्षमता की इकाई होती है।
32. प्रिज्म (Prism)-तीन समतल फलकों से बना पारदर्शक माध्यम प्रिज्म कहलाता है।
33. प्रिज्म का कोण (Angle of Prism)-एक फलक पर आपतित प्रकाश किरण प्रिज्म में अपवर्तित होकर फिर दूसरे
फलक पर अपवर्तित हो जाती है। इन दोनों फलकों के बीच के कोण को प्रिज्म का कोण कहते हैं अथवा प्रिज्म
के दो समतल फलकों के बीच के कोण को प्रिज्म का कोण कहते हैं। 34. प्रकाश विशेषण (Dispersion of Light)-प्रिज्म द्वारा श्वेत प्रकाश को सात रंगों में विभाजित करने के प्रक्रम को प्रकाश विक्षेषण कहते हैं।
35. वर्णक्रम (Spectrum)-प्रकाश विक्षेपण के पश्चात जो सात रंगों की पट्टी प्राप्त होती है उसे वर्णक्रम कहते हैं। 36. मूल रंग (Primary Colours)-लाल, नीला एवं हरे रंग के प्रकाश को उचित मात्रा में मिलाने पर श्वेत रंग का प्रकाश प्राप्त होता है, इन रंगों को मूल रंग कहते हैं।
37. प्रतिबिंब (Image)-एक बिंदु से आती हुई प्रकाश की किरणे परावर्तन अथवा अपवर्तन के पश्चात जब किसी दूसरे बिंदु पर, मिलती है तो यह दूसरा बिंदु पहले बिंदु का प्रतिबिंब कहलाता है।
Refresher Series
38. प्रकाश की किरण (Ray of Light)-सीधी रेखा में गमन करने वाले प्रकाश पथ को प्रकाश की किरण कहते हैं।
39. अपसारी किरणें (Divergent Rays)-जब प्रकाश किरणें एक बिंदु स्रोत से बाहर की ओर फैल रही हों तो उन्हें अपसारी किरणें कहते हैं।
40. अभिसारी किरणें (Convergent Rays)-जब प्रकाश किरणें किसी स्रोत से एक बिंदु की ओर आती हैं तो उन्हें अभिसारी किरणें कहते हैं।
41. समांतर किरणें (Parallel Rays)-जब प्रकाश किरणें परस्पर समांतर दिशा में जा रही हों तो उन्हें समांतर किरणे कहते हैं।
42. आपतन कोण (Angle of Incidence)-आपतन बिंदु पर आपतित किरण तथा अभिलंव के बीच का कोण, आपतन कोण कहलाता है।
43. परावर्तन कोण (Angle of Reflection)-आपतन बिंदु पर परावर्तित किरण तथा अभिलंब के बीच का कोण, परावर्तन कोण कहलाता है।
44. अपवर्तन कोण (Angle of Refraction)-आपतन बिंदु पर अपवर्तित किरण तथा अभिलंब के बीच का कोण, अपवर्तन कोण कहलाता है।
45. आपतित किरण (Incident Ray)-पहले माध्यम में चलती हुई प्रकाश किरण आपतित किरण कहलाती है।
46. अपवर्तित किरण (Refracted Ray)- दूसरे माध्यम में प्रवेश करने वाली किरण अपवर्तित किरण कहलाती है। 47. विसरित परावर्तन (Diffused Reflection)-जब प्रकाश की समांतर किरणें किसी खुरदरे तल से टकराकर
परावर्तित होती हैं परन्तु परावर्तित किरणें समांतर न हों तो इस प्रकार के परावर्तन को विसरित परावर्तन कहते हैं।
48. अपारदर्शी माध्यम (Opaque Medium)-वह माध्यम जिसमें से प्रकाश की किरणें न गुजर सकें, अपारदर्शी माध्यम कहलाता है।
49. पारभासी माध्यम (Translucent Medium) वह माध्यम जिसमें से प्रकाश आशिक मात्रा में संचरित हो, पारभासी माध्यम कहलाता है।
50. पार्श्व परिवर्तन (Lateral Inversion)-प्रतिबिंब में वस्तु की दिशा परिवर्तन को पाश्वं परिवर्तन कहते हैं। इसमें वस्तु का दायाँ भाग प्रतिबिंब में बायाँ भाग दिखाई देता है तथा उसका बायाँ भाग प्रतिबिंव में दायाँ भाग दिखाई देता है।
पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न
(TEXTUAL QUESTIONS)
* अनुभाग 9.1 (पेज-157) के प्रश्न
प्रश्न 1. अवतल दर्पण के मुख्य फोकस की परिभाषा लिखिए।
उत्तर- मुख्य अक्ष पर स्थित वह बिंदु जहाँ पर मुख्य अक्ष के समांतर आने वाली प्रकाश की किरणें दर्पण से परावर्तन के पश्चात् मिलती हैं. अवतल दर्पण का मुख्य फोकस कहलाता है। इसे 'F' द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
M
P
M
प्रश्न 2. एक गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 20 cm है। इसकी फोकस क्या होगी? उत्तर- वक्रता त्रिज्या, R = 20 cm फोकस दूरी, f = ? R 20 = 10 cm
विज्ञान-X | 237
प्रश्न 3. उस वर्पण का नाम बताइए जो बिंब का सीधा तथा आवर्धित प्रतिबिंब बना सके।
उत्तर- अवतल दर्पण।
प्रश्न 4. हम वाहनों में उत्तल दर्पण को पश्च दृश्य वर्पण के रूप में वरीयता क्यों देते हैं?
(HBSE 2023)
उत्तर- उत्तल दर्पण को वाहनों में पश्च दृश्य दर्पण के रूप में प्रयोग किया जाता है. इसके निम्नलिखित कारण हैं-
(1) इसमें प्रतिबिंब वस्तु से आकार में छोटा बनता है।
(ii) उत्तल दर्पण द्वारा बनाया प्रतिबिंब आभासी एवं सीधा बनता है।
(iii) इसका दृष्टि क्षेत्र भी बहुत अधिक होता है जिसके कारण पश्च दृश्य के बहुत बड़े भाग को देखा जा सकता है तथा ड्राइवर सुरक्षित रूप से वाहनों को चला सकते हैं।
* अनुभाग 9.2 (पेज-160) के प्रश्न
प्रश्न 1. उस उत्तल दर्पण की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए जिसकी वक्रता त्रिन्या 32 cm है।
वक्रता त्रिज्या, R = 32 cm
उत्तर- फोकस दूरी, f = ? R 32 22 =+16 cm
प्रश्न 2. कोई अवतल दर्पण अपने सामने 10 cm दूरी पर रखे किसी बिंब का तीन गुणा आवर्धित (बड़ा)
वास्तविक प्रतिबिंब बनाता है। प्रतिबिंब दर्पण से कितनी दूरी पर है। यदि प्रतिबिंब वास्तविक हो तो आवर्धन ऋणात्मक होता है। उत्तर-
अतः आवर्धन, = -3 बिंब की दूरी. प्रतिबिंब की दूरी -10 cm ? -3=-() -3= प्रतिबिंब अवतल दर्पण के आगे 30cm की दूरी पर बनेगा। =-30 cm
अनुभाग 9.3 द्धपेज-165ऋ के प्रश्न
प्रश्न 1. वायु में गमन करती प्रकाश की एक किरण जल में तिरछी प्रवेश करती है। क्या प्रकाश किरण अभिलंब
की ओर झुकेगी अथवा अभिलंब से दूर होगी? बताइए क्यों? उत्तर- वायु में गमन करती प्रकाश की किरण जब जल में तिरछी प्रवेश करती है तो यह अभिलंब की ओर झुकेंगी क्योंकि वायु
(विरल माध्यम) की अपेक्षा जल (सघन माध्यम) में प्रकाश की चाल कम हो जाती है। इसका अर्थ यह है कि जल का अपवर्तनांक वायु के अपवर्तनांक से अधिक होने के कारण प्रकाश की किरण अभिलंब की ओर मुड़ जाती है। आपतित किरण अभिलम्ब वायु (विरल) B जल (सधन) - अपवर्तित किरण जल चित्रः सघन माध्यम (जल) में प्रकाश की किरण अभिलंब की ओर मुड़ जाती है।
Refresher Series
प्रश्न 2. प्रकाश वायु में 1.50 अपवर्तनांक की काँच की प्लेट में प्रवेश करता है। काँच में प्रकाश की बात कितने है? निर्वात में प्रकाश की चाल 3 x 10m/s है।
(HBSE 2023)
उत्तर- काँच का अपवर्तनांक, निर्वात काँच में प्रकाश की चाल, में प्रकाश की चाल, हम जानते हैं,
= 1.50 c = 3 x 10 m/s 1.50 = 3x10 3x10 3x100 1.50 150 x10 m/s2x10 m/s
v=2x10 m/s
प्रश्न 3. आपको किरोसीन, तारपीन का तेल, तथा जल दिए गए हैं। इनमें से किसमें प्रकाश सबसे अधिक तीव्र
गति से चलता है? सारणी 10.3 पाठ्यपुस्तक में दिए गए आंकड़ों का उपयोग कीजिए।
उत्तर-
(1) अधिकतम प्रकाशिक घनत्व का माध्यम हीरा है क्योंकि इसका अपवर्तनांक सबसे अधिक 2.42 है। (ii) न्यूनतम प्रकाशिक घनत्व का माध्यम वायु है क्योंकि इसका अपवर्तनांक सबसे कम 1.0003 है।
प्रश्न 4.
आपको किरोसीन, तारपीन का तेल, तथा जल दिए गए हैं। इनमें से किसमें प्रकाश सबसे अधिक तीव गति से चलता है? सारणी में दिए गए आंकड़ों का उपयोग कीजिए।
DOC
1
उत्तर- हम जानते हैं.
इसका मतलब है कि किसी माध्यम में प्रकाश की चाल उस माध्यम के अपवर्तनांक के व्युत्क्रमानुपति होती है। अतः जिस माध्यम का अपवर्तनांक कम होगा उसमें प्रकाश की चाल अधिक होगी। दिए गए माध्यमों में से प्रकाश जल में सबसे अधिक तीव्र गति से चलेगा क्योंकि इसका अपवर्तनांक सबसे कम है।
प्रश्न 5. हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है। इस कथन का क्या अभिप्रायः है? उत्तर- हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है। इसका अभिप्रायः है कि वायु में प्रकाश की चाल तथा होरे में प्रकाश की चाल का
अनुपात 2.42 के समान है।
अनुभाग 9.3 (पेज-174) के प्रश्न
प्रश्न 1. किसी लेंस की 1 डाइऑप्टर क्षमता को परिभाषित कीजिए।
(HBSE 2023)
उत्तर- 1 डाइऑप्टर (1D) उस लेंस की क्षमता होती है जिसकी फोकस दूरी 1m होती है।
प्रश्न 2. कोई उत्तल लेंस किसी सुई का वास्तविक तथा उल्टा प्रतिबिंब उस लेंस से 50 cm दूर बनाता है। यह सुई, उत्तल लेंस के सामने कहाँ रखी है? यदि इसका प्रतिबिंब उसी साइज का बन रहा है जिस साइज
का बिंब है। लेंस की क्षमता भी ज्ञात कीजिए।
उत्तर-
प्रतिबिंव की दूरी, वस्तु की दूरी, ? प्रतिबिंब वास्तविक एवं वस्तु के आकार का बनता है, इसलिए आवर्धन,m=-1 हम जानते हैं, =+ (लेंस में) -1- +50
+50 cm
विज्ञान-X | 239
50 cm
लेंस सूत्र द्वारा, अब, लेंस की क्षमता,
-50 cm 1 1-141-2 50 50 50 cm 25 cm 0.25m 1 1 100 f (in m) 0.25 25 f= P= 75050 +4D
प्रश्न 3. 2m फोकस दूरी वाले किसी अवतल लेंस की क्षमता ज्ञात कीजिए।
उत्तर- अवतल लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है,
f = -2 m P= 1 f (in m) 1 =-0.50.
पाठ्यपुस्तक के अभ्यास के प्रश्न (TEXTUAL EXERCISES)
प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ लेंस बनाने के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता?
(a) जल
(b) काँच
(c) प्लास्टिक
(d) मिट्टी
(d) मिट्टी
उत्तर- प्रश्न 2. किसी बिंब का अवतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब आभासी, सीधा तथा बिंब से बड़ा पाया जाता है। वृस्तु की स्थिति कहाँ होनी चाहिए?
(a) मुख्य फोकस तथा वक्रता केंद्र के बीच
(c) वक्रता केंद्र से परे
(b) वक्रता केंद्र पर
(d) दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच
उत्तर-
(d) दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच
प्रश्न 3. किसी बिंब का वास्तविक तथा समान साइज़ का प्रतिबिंब प्राप्त करने हेतु बिंब को उत्तल लेंस के सामने
कहाँ रखें?
(a) लेंस के मुख्य फोकस पर
(b) फोकस दूरी की दोगुनी दूरी पर
(c) अनंत पर
(1) लेंस के प्रकाशिक केंद्र तथा मुख्य फोकस के बीच
उत्तर-
(b) फोकस दूरी की दोगुनी दूरी पर
प्रश्न 4. किसी गोलीय दर्पण और किसी पतले गोलीय लेंस दोनों की फोकस दूरियाँ-15cm है। दर्पण तथा लेस
संभवतः हैं-
(७) दोनों अवतल
(b) दोनों उत्तल
(c) दर्पण अवतल तथा लेंस उत्तल
(d) वर्पण उत्तल तथा लेंस अवतल
उत्तर- (a) दोनों अवतल
Series
प्रश्न 5. किसी दर्पण से आप चाहे कितनी ही दूरी पर खड़े हों, आपका प्रतिबिंब सदैव सीधा प्रतीत होता है। दर्पण संभवतः है-
(a) केवल समतल
(b) केवल उत्तल
(SAT, July-2018)
(c) केवल अवतल
(d) या तो समतल अथवा उत्तल
उत्तर- (d) या तो समतल अथवा उत्तल
प्रश्न 6. किसी शब्दकोश (Dictionary) में पाए जाने वाले छोटे अक्षरों को पढ़ते समय आप निम्न में से कौन-सा लेंस पसंद करेंगे?
(a) 50 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस
(b) 50 cm फोकस दूरी का एक अवतल लेंस
(c) 5 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस
(d) 5 cm फोकस दूरी का एक अवतल लेंस
उत्तर-
(c) 5 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस।
प्रश्न 7. 15 cm फोकस दूरी के एक अवतल दर्पण का उपयोग करके हम किसी बिंब का सीधा प्रतिबिंब प्राप्त करना चाहते हैं। बिंब की दर्पण से दूरी का परिसर क्या होना चाहिए? प्रतिबिंब की प्रकृति कैसी है? प्रतिबिंब बिंब से बड़ा है अथवा छोटा? इस स्थिति में प्रतिबिंब बनने का एक किरण आरेख बनाइए।
उत्तर-
(1) अवतल दर्पण में बिंव का सीधा प्रतिविंत प्राप्त करने के लिए वस्तु (बिंब) को ध्रुव तथा मुख्य फोकस के
बीच रखना चाहिए।
(ii) बिंब (वस्तु) की दर्पण से दूरी का परिसर 0-15cm होना चाहिए।
(iii) प्रतिबिंब आभासी एवं सीधा होगा।
(iv) प्रतिबिंब बिंब से बड़ा होगा। प्रतिबिंब बनने का किरण आरेख
A
M
FB
15 cm
P
B
M
चित्रः किरण आरेख
प्रश्न 8. निम्न स्थितियों में प्रयुक्त दर्पण का प्रकार बताइए- (HBSE 2023) (a) किसी कार का अग्र-दीप (हँड-लाइट) (b) किसी वाहन का पार्श्व/पश्च-दृश्य वर्पण
(c) सौर भट्टी
अपने उत्तर की कारण सहित पुष्टि कीजिए।
उत्तर- (a) किसी कार का अग्र-दीप (हैड-लाइट) अवतल दर्पण का बना होता है क्योंकि दर्पण के फोकस पर रखे गए बल्ब का प्रकाश परावर्तित हो जाता है तथा एक शक्तिशाली समांतर किरण पुंज प्राप्त होता है जो सड़क को प्रकाशमान कर देता है।
M
M
चित्रः अवतल दर्पण द्वारा प्राप्त शक्तिशाली समांतर किरण पुंज
विज्ञान-X | 241
(b) किसी वाहन का पार्श्व/पश्च दृश्य दर्पण उत्तल दर्पण होता है क्योंकि
(1) यह सदैव आभासी एवं सीधा प्रतिबिंव बनाता है।
(ii) इसके द्वारा बनाए प्रतिबिंब का आकार वस्तु के आकार से छोटा होता है। इसलिए, ड्राइवर अपने पीछे के वाहनों को बहुत बड़े भाग तक देख सकता है जिसके फलस्वरूप वाहन चलाना भी सुरक्षित हो जाता है।
(c) सौर भट्टी में अवतल वर्पण का उपयोग किया जाता है क्योंकि अवतल दर्पण सूर्य की किरणों को अपने फोकस पर अभिसरित कर देता है जिसके कारण इसके फोकस पर बहुत अधिक ताप बढ़ जाता है तथा इसके फोकस बिंदु पर रखी वस्तु काफी गर्म हो जाती है।
प्रश्न 9. किसी उत्तल लेंस का आधा भाग काले कागज से ढक दिया गया है। क्या यह लेंस किसी विंव का पूरा प्रतिबिंब बना पाएगा? अपने उत्तर की प्रयोग द्वारा जाँच कीजिए। अपने प्रेक्षणों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर- हाँ, पूरा प्रतिबिंब बनेगा। जब उत्तल लेंस का आधा भाग काले कागज से ढक दिया जाता है तो इसका दूसरा आधा भाग प्रकाश की किरणों को अपवर्तित करता है एवं पूरा प्रतिबिंब बनाने में सहायक होता है, यद्यपि इस प्रकार बना प्रतिबिंब थोड़ा धुंधला होता है।
प्रयोग द्वारा जाँच
(1) एक उत्तल लेंस लीजिए तथा इसे प्रकाशिक बेंच पर लगाइए।
(ii) लेंस के एक ओर 2F, पर एक जलती हुई मोमबत्ती तथा दूसरी ओर एक सफेद स्क्रीन (पर्दा) 2F, पर लगाइए।
(iii) अब लेंस के नीचे के आधे भाग को काले कागज से ढक दीजिए। आप देखेंगे कि पर्दे पर मोमबती का पूर्ण प्रतिबिंब प्राप्त होता है, परन्तु प्रतिचिंब थोड़ा धुंधला होता है।
A
2F
F
B 2F
A
चित्रः बिंब का पूर्ण प्रतिबिंब बनाना
(e) इसी प्रकार, उत्तल लेंस के ऊपर के आधे भाग को काले कागज से ढकने पर भी पूर्ण प्रतिबिंब प्राप्त होता है।
2F.
F2
28
चित्रः बिंव का पूर्ण प्रतिबिंध बनाना
प्रश्न 10.5.com लंबा कोई बिंब 10 cm फोकस दूरी के किसी अभिसारी लेस से 25 cm दूरी पर रखा जाता है। प्रकाश किरण-आरेख खींचकर बनने वाले प्रतिबिंव की स्थिति, साइन तथा प्रकृति ज्ञात कोविए?
उत्तर-
बिंब का साइज = 5cm बिंब की दूरी, लेस की फोकस दूरी./ 25 cm +10 cm
1
1
लेस सूत्र द्वारा,
Refresher Series
計 10 25 5050 50 3 cm+16.67 cm प्रतिबिंब लेंस के दूसरी ओर 16.67 cm की दूरी पर बनता है। आवर्धन, h प्रतिविंव का साइज, xh -10 3 1 1 h' = cm-3.33 cm
यहाँ पर ऋणात्मक चिन्ह प्रदर्शित करता है कि प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा बनेगा तथा इसका साइज बिंब के साइर से छोटा होगा।
किरण-आरेख
5 cm-
B
10 cm-
B2F
3.3 cm
A
2F
F
16.67 cm
25 cm
प्रश्न 11. 15 cm फोकस दूरी का कोई अवतल लेंस बिंब का प्रतिबिंब लेंस में 10 cm दूरी पर बनाता है। विष लेस से कितनी दूरी पर स्थित है? किरण आरेख खींचिए।
उत्तर-
अवतल लेंस की फेकस दूरी, f = -15 cm लेंस से प्रतिबिंब की दूरी,-10 cm लेंस से बिंब की दूरी, u = ? 1 1 लेंस सूत्र द्वारा, 1 1 -3+2 30 -30 cm 30 अतः बिंब की लेंस से दूरी 30 cm है।
विज्ञान-X | 243
किरण आरेख
B
FB
0
-10cm
14-15 cm
-30 cm.
प्रश्न 12. 15 cm फोकस दूरी के किसी उत्तल दर्पण से कोई बिंब 10cm दूरी पर रखा है। प्रतिबिंव की स्थिति तथा प्रकृति ज्ञात कीजिए।
उत्तल दर्पण की फोकस दूरी, f = +15 cm दर्पण से बिंब की दूरी, # = -10 cm दर्पण से प्रतिबिंब की दूरी, ए = ? दर्पण सूत्र का उपयोग करने पर, 11 10 2+3 30 30 5 अतः प्रतिबिंब दर्पण से 6 cm की दूरी पर दर्पण के पीछे बनेगा। आवर्धन, m (유) = +0.6 a-
आवर्धन का धनात्मक मान दर्शाता है कि प्रतिबिंब आभासी एवं सीधा है। इसका मान एक से कम है, अतः
प्रतिबिंब साइज में बिंब से छोटा होगा। प्रश्न 13. एक समतल दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन +1 है। इसका क्या अर्थ है?
उत्तर- यहाँ.
+1 (1) आवर्धन का मान धनात्मक है, यह दर्शाता है कि समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब आभासी एवं सोधा है।
(ii) आवर्धन का मान। है, यह दर्शाता है कि प्रतिबिंब का आकार बिंब के समान है।
उत्तर-
Refresher Series
प्रश्न 14. 5.0 cm लंबाई का कोई बिंब 30 cm वक्रता त्रिज्या के किसी उत्तल वर्पण के सामने 20 cm दूरी पर रखा गया है। प्रतिबिंब की स्थिति, प्रकृति तथा साइज ज्ञात कीजिए।
उत्तर-
बिंब का साइज +5.0 cm उत्तल दर्पण की वक्रता त्रिन्या, R+ 30 cm बिंब की दर्पण से दूरी, 20 cm R +30 दर्पण की फोकस दूरी, /= 22 दर्पण सूत्र का उपयोग करने पर, 1 cm = +15 cm 20 1 1520 4+3 60 7 60 60 + cm +8.57 cm 7
अतः प्रतिबिंब दर्पण के पीछे 8.57cm की दूरी पर बनेगा।
आवर्धन,
위 h' = -vxh =(x) h' = + 7 cm +2.14 cm
h' का धनात्मक चिन्ह प्रदर्शित करता है कि प्रतिबिंव आभासी एवं सीधा बनेगा। इसका आकार भी बिंब के आकार से छोटा है।
प्रश्न 15. 7.0 cm साइज़ का कोई बिंब 18cm फोकस दूरी के किसी अवतल वर्पण के सामने 27 cm दूरी पर रखा गया है। दर्पण से कितनी दूरी पर किसी पर्वे को रखें कि उस पर वस्तु का स्पष्ट फोकसित प्रतिबिंब प्राप्त
किया जा सके। प्रतिबिंब का साइज़ तथा प्रकृति ज्ञात कीजिए। बिंब का साइज,= +7.0 cm अवतल दर्पण की फोकस दूरी, f = -18 cm बिंब की दर्पण से दूरी, u = -27 cm उत्तर
दर्पण सूत्र का उपयोग करने पर
D
+-
विज्ञान-X |
245
計(ㅎ)
11 27 1 -3+2 54
⇒
-54 cm इसलिए, वस्तु का स्पष्ट फोकसित प्रतिबिंब प्राप्त करने के लिए परदे को अवतल दर्पण के सामने 54 cm की दूरी पर रखना चाहिए।
आवर्धन,
771 h -vxh -54x7 -27 h' =
h=-14 cm
h' का ऋणात्मक चिन्ह दर्शाता है कि प्रतिविंव वास्तविक एवं उल्टा बनेगा। इसका साइज वस्तु के साइज (7 cm) से बड़ा होगा अर्थात् दोगुना है।
प्रश्न 16. उस लेंस की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए जिसकी क्षमता -2.0 D है। यह किस प्रकार का लेंस है?
उत्तर-
(HBSE 2023)
लेंस की क्षमता, P = -2.0 D लेंस की फोकस दूरी. f = ? P = -2.0 = f = 1 f (in metres) cm-0.5 cm -2.0 f=-0.5 x 100 cm = -50 cm अतः लेंस की फोकस दूरी 50 cm है। लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक है, अतः यह अवतल लेंस है।
प्रश्न 17. कोई डॉक्टर + 1.5D क्षमता का संशोधक लेंस निर्धारित करता है। लेंस की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए। क्या निर्धारित लेंस अभिसारी है अथवा अपसारी?
उत्तर-
लेंस की क्षमता, P= +1.5D P= 1 f (in m) 1 m=10m = 2m = +0.67 m. 1.5 = 1.5
Refresher Series
⇒ अतः लेंस की फोकस दूरी 67 cm है। क्योंकि लेंस की फोकस दूरी धनात्मक है, अतः यह उत्तल लेंस है।

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